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बिहार कैबिनेट विस्तार की हलचल तेज, सम्राट चौधरी दिल्ली रवाना होंगे, अमित शाह से हो सकती है अहम बैठक

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बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली जाकर अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। 6 मई को बड़ा फैसला संभव।

पटना/आलम की खबर: बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, सम्राट चौधरी दिल्ली रवाना होंगे, कैबिनेट फॉर्मूले पर हो सकता है बड़ा फैसला

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव और हलचल देखने को मिल रही है, जहां राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगातार मजबूत हो रही हैं कि जल्द ही नई कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है, और इसको लेकर शीर्ष स्तर पर लगातार बैठकें और रणनीतिक चर्चाएं जारी हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज रात दिल्ली रवाना होने वाले हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली दौरे के दौरान उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात हो सकती है, जिसमें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और नई सरकार की संरचना पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात प्रस्तावित बताई जा रही है, जहां कैबिनेट फॉर्मूले और नामों पर अंतिम चर्चा हो सकती है।

दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी लगभग आधे घंटे तक मुलाकात की। यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद उन्होंने सीधे एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास (1 Anne Marg Patna) का भी निरीक्षण किया, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

सूत्रों के अनुसार, बिहार में पहली बार बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में नजर आ सकती है, और इसी आधार पर नई कैबिनेट का संतुलन तय किया जा रहा है। चर्चा है कि मंत्रिमंडल में 15-15 फॉर्मूले पर काम हो सकता है, जिसमें बीजेपी और जेडीयू को बराबर प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, हालांकि कुछ पद सहयोगी दलों के लिए भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, बीजेपी के 13 और जेडीयू के 12 मंत्री शपथ ले सकते हैं, जबकि एलजेपी (आर), हम और आरएलएम जैसे सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे के दौरान नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है।

इधर जेडीयू खेमे में भी संभावित नामों की चर्चा तेज है, जहां श्रवण कुमार, लेसी सिंह, अशोक चौधरी, जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी, रत्नेश सदा, भगवान सिंह कुशवाहा और जयंत राज जैसे नेताओं के नाम आगे चल रहे हैं। वहीं सहयोगी दलों से भी पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

एलजेपी (आर) से संजय पासवान और संजय सिंह, हम (HAM) से संतोष मांझी और आरएलएम से दीपक प्रकाश के नाम पर भी चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि इन नामों पर लगभग सहमति बन चुकी है।

दूसरी ओर बीजेपी के भीतर भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जहां जातीय संतुलन, अनुभव, युवा नेतृत्व और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें मंगल पांडेय, विजय सिन्हा, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह ‘टाइगर’ और संगीता कुमारी शामिल हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 6 मई का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम हो सकता है, क्योंकि उसी दिन यह स्पष्ट होगा कि नई कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलेगी और किसे बाहर रखा जाएगा।

कुल मिलाकर बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

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